प्राचीन काल में एथलेटिक्स की शुरुआत
भारत में एथलेटिक्स का इतिहास प्राचीन सभ्यताओं तक जाता है। महाभारत और रामायण जैसे ग्रंथों में वीरों के शारीरिक शक्ति और शिक्षा के वर्णन देखे जा सकते हैं। एथलेटिक्स का इतिहास भारत में योग, कुश्ती और पैदल दौड़ की शुरुआत से जुड़ा हुआ है।
- वेदों में शारीरिक शिक्षा के महत्व पर बल दिया गया था।
- महाभारत के अनुसार, अर्जुन और कर्ण जैसे पात्र बाण चक्र चलाने और दौड़ के माहिर थे।
- प्राचीन भारतीय युद्ध और त्योहारों में शारीरिक प्रतियोगिताएं आम थीं।
ब्रिटिश शासन काल में खेल का विकास
19वीं शताब्दी में ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में खेल की धारणा बदली। ब्रिटिश सैनिकों और शिक्षकों ने एथलेटिक्स के आधुनिक रूप को भारत में लाया। कुश्ती, दौड़ और उछल की वैश्विक नियमों के साथ शुरुआत हुई।
स्वतंत्रता के बाद एथलेटिक्स का उत्थान
स्वतंत्रता के बाद भारत में खेल को राष्ट्रीय महत्व दिया गया। राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन शुरू हुआ। भारत में खेल के लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और अकादम��यों की स्थापना हुई।
भारत के प्रमुख एथलीट्स
- मिल्खा सिंह: ओलंपिक खेलों में भारत के लिए अपनी दौड़ के साथ एक प्रेरणा।
- पी.टी. उषा: एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली महिला एथलीट।
- जॉन एब्राहम ओमेनी: एथलेटिक्स का इतिहास भारत में बदलने वाले एक शीर्ष एथलीट।
ओलंपिक खेलों में भारत का प्रदर्शन
ओलंपिक में भारत लंबे समय तक चांदी या कांस्य पदक के बिना रहा। हालांकि, 1956 में मिल्खा सिंह के 400 मीटर दौड़ में चांदी जीतने से भारत के ओलंपिक में एथलेटिक्स का इतिहास नए मायने ले आया। 2020 ओलंपिक में भारत के एथलीट्स ने अपने प्रदर्शन से दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। ओलंपिक में भारत के लिए एथलेटिक्स की विशेषता इस बात की ओर है कि देश अब नए तकनीकी और नियमों के साथ अपने एथलीट्स को तैयार कर रहा है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए, history of athletics देखें।
एशियाई खेलों में एथलेटिक्स की उपलब्धियां
एशियाई खेल में भारत के एथलीट्स ने स्वर्ण पदक जीते हैं। 1982 दिल्ली एशियाई खेल में भारत के लिए एथलेटिक्स का इतिहास नए मायने ले आया। एशियाई खेल में भारत ने अपने एथलीट्स के माध्यम से एक उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
आधुनिक एथलेटिक्स में भारत की भूमिका
आधुनिक एथलेटिक्स में भारत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत में खेल के लिए राष्ट्रीय एथलेटिक्स एसोसिएशन और राज्य स्तरीय संगठन एथलीट्स के विकास के लिए काम कर रहे हैं। भारत के एथलीट्स अब ओलंपिक और एशियाई खेल में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
एथलेटिक्स को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम
- खेलो इंडिया योजना: राष्ट्रीय स्तर पर एथलीट्स के चयन और प्रशिक्षण के लिए एक व्यापक कार्यक्रम।
- राष्ट्रीय एथलेटिक्स अकादमी: एथलीट्स के तकनीकी और शारीरिक विकास के लिए एक विशेष अकादमी।
- राज्य एथलेटिक्स स्कूल: स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए एथलीट्स के चयन और प्रशिक्षण के लिए।
भविष्य में एथलेटिक्स की दिशा
भविष्य में भारत एथलेटिक्स में अधिक से अधिक एथलीट्स को तैयार करने के लिए नए कार्यक्रम शुरू करेगा। भारत में खेल के लिए आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं के उपयोग के माध्यम से एथलीट्स के प्रदर्शन में वृद्धि होगी। भारत के एथलीट्स ओलंपिक और एशियाई खेल में अपने शीर्ष एथलीट्स के रूप में अपनी उपलब्धियां हासिल करेंगे।
